Thursday, May 16, 2024

600 + New Nafrat Shayari in Hindi | नफरत शायरी हिंदी में

Hello friends, when couples love each other, the whole world seems like heaven to those lovers. As time passes. Similarly, love is also a little change of change. Couples do not understand this. Due to which hatred arises between them, the fire of hatred destroys the heart and mind of a person from within. The feeling of love and anger makes life desolate.

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Nafrat Shayari in Hindi

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मोहब्बत सच्ची हो तो कभी नफरत नहीं होती है

अगर नफरत होती है तो मोहब्बत सच्ची नहीं होती है 


नफरतें लाख मिलीं पर मोहब्बत न मिली

ज़िन्दगी बीत गयी मगर राहत न मिली

तेरी महफ़िल में हर एक को हँसता देखा

एक मैं था जिसे हँसने की इजाजत न मिली

 

नफरत तुम बेशक कर लो हमसे हम तो करते रहेंगे 

प्यार युहीं चाहेंगे जब तक है दम 


तेरी नफरत को मैने प्यार समझ कर अपनाया है

प्यार से ही नफरत खत्म होता है तूने ही तो समझाया है 


दिल पर न मेरे यू वार कीजिए

छोड़ो ये नफरत थोड़ा प्यार कीजिए

तड़पते हैं जिस कदर तेरे प्यार में हम

कभी खुद को भी उस कदर बेकरार कीजिए 


जब नफरत की बात उठेगी तो सबसे पहला नाम हमारा आएगा

क्योंकि नफरत करने में हमने रिकॉर्ड जो बना रखे हैं 


कत्ल तो लाजिम है इस बेवफा शहर में

जिसे देखो दिल में नफरत लिये फिरता है 


नफरत की आग जो तुमने इस दिल में लगाई है

तुमसे ही नही मोहब्बत से भी हमें शिकायत हुई है 


नफरत करना सबके बस की बात नहीं जनाब

जिन्दगी भर तो छोड़ो नफरत करनी पल भर भी आसान नहीं 


मैं काबिले नफरत हूँ तो छोड़ दे मुझको

तू मुझसे यूँ दिखावे की मोहब्बत न किया कर 


दिलों में अगर पली बेजान कोई हसरत न होती

हम इंसानों को इंसानों से यूँ नफरत न होती 


मोहब्बत करो तो हद से ज्यादा

और नफरत करो तो उससे भी ज्यादा 


कभी उसने भी हमे चाहत का पैगाम लिखा था

सब कुछ उसने अपना हमारे नाम लिखा था

सुना है आज उसे हमारे जिक्र से भी नफरत है 

जिसने कभी अपने दिल पर हमारा नाम लिखा था 


वो वक्त गुजर गया जब मुझे तेरी आरजू थी

अब तू खुदा भी बन जाए तो मैं सजदा न करूँ 


जा तुझे मौका दिया जी भर के नफरत कर ले

और जब नफरत से जी भर जाए तो प्यार को मौका देना

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एक ही अर्ज है बनावटी प्यार न कर मुझसे

इससे अच्छा तो नफरत कर मगर दिल से कर 


उसने मुझ से नफरत मरते दम तक करने की कसम खा ली है

और मैंने भी उसे प्यार मरते दम तक करने की कसम खा ली है 


उसने मुझ से नफरत मरते दम तक करने की कसम खा ली है

और मैंने भी उसे प्यार मरते दम तक करने की कसम खा ली है


खुदा सलामत रखना उन्हें जो हमसे नफरत करते हैं

प्यार न सही नफरत ही सही कुछ तो है जो वो सिर्फ हमसे करते हैं 


दिल है की मानता नहीं नफरत करने की बजाय 

प्यार करने की वजह ढूंढ़ता रहता है 


उसकी बेवफ़ाई देख कर रहते हैं बेचैन उससे 

नफरत न कर बैठें इस बात से रहते हैं बेचैन 


दिल है की मानता नहीं नफरत करने की 

बजाय प्यार करने की वजह ढूंढ़ता रहता है 


वो नफरतें पाले रहे हम प्यार निभाते रहे

लो ये जिंदगी भी कट गयी खाली हाथ सी 


मिलना बिछड़ना सब किस्मत का खेल है

कभी नफरत तो कभी दिलों का मेल है

बिक जाता है हर रिश्ता दुनियां में

सिर्फ दोस्ती का यहा नाँट पर सेल है 


नफरतों का सिलसिला जारी है

लगता है दूर जाने की त्यारी है

दिल तो पहले दे चुके हैं हम

लगता है अब जान देने की बारी है 


नफरत मत करना मुझसे बुरा लगेगा

बस एक बार प्यार से कह देना अब तेरी जरूरत नहीं 


उसकी यादों और मोहब्बत दोनों से इतने दर्द मिले हैं 

की अगर अब फिर नफरत का 

दर्द मिला यह सोच के ही डर लगता है 


नफरत के बाजार में जिने का अलग ही मजा हैं

लोग रुलाना नहीं छोड़ते और हम हँसना नहीं छोड़ते 


मोहब्बत करने से फ़ुरसत नहीं मिली दोस्त

वरना हम करके बताते नफरत कहते हैं


मैं काबिले नफरत हूँ तो छोड़ दे मुझे

तू मुझसे यूँ दिखावे की मोहब्बत ना किया कर 

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इतनी नफरत है उसे मेरी मोहब्बत से 

उसने अपने हाथ जला लिए मेरी तकदीर मिटाने के लिए 


मोहब्बत भी जबर्दस्त थी 

और नफरत भी जबर्दस्त है

जो भी किया जबर्दस्त ही किया है 


तुम नफरत का धरना कयामत तक जारी रखो

मैं प्यार का इस्तीफा जिंदगी भर नहीं दूंगा


उसकी नफरतों को धार किसने दी

महबूब के हाथों तलवार किसने दी 


मुझसे नफरत करने वाले भी कमाल का हुनर रखते हैं

मुझे देखना तक नहीं चाहते लेकिन नजर मुझपर ही रखते हैं


पूरी दुनिया नफरतों की आग में जल रही है

फिर भी ना जाने क्यों लोगों को ठंड लग रही है


नफरत को हम प्यार देते हैं प्यार पे खुशियां वार देते हैं बहुत सोच समझ कर 

हमसे कोई वादा करना ऐ दोस्त हम पर वादे पर जिंदगी गुजार देते हैं


कुछ लोग तो मुजसे सिर्फ इसलिए भी नफरत करते हैं

क्योंकि बहुत सारे लोग मुझसे प्यार करते हैं


देखना मेरी तुम्हारी नफरतों में खाख ना हो जाए सबकुछ

हम दोनो को भी आखिर में रहना तो है इसी बस्ती में


ऐ दोस्तों नफरतों को पाल कर उसमे चिंगारी मत लगाओ

खुदा ने तुमको क्या नहीं दिया कुछ अपना भी दिमाग लगाओ


नफरत को हम प्यार देते हैं प्यार पे खुशियां वार देते हैं

बहुत सोच समझ कर हमसे कोई वादा करना ऐ दोस्त

हम पर वादे पर जिंदगी गुजार देते हैं


नफरत मत करना मुझसे बुरा लगेगा

बस एक बार प्यार से कह देना अब तेरी जरूरत नहीं


नफरत हो दिल में तो मिलने का मजा नहीं आता हैं

वो आज भी मिलता है पर दिल कहीं और छोड़ आता है


मुझे ऑनलाइन देखते ही तेरा ऑफलाइन हो 

जाना उफ़ यह तेरी डिजिटल नफरत


जो मुझसे नफरत करते हैं शौक से करें हर शख्स को 

मैं अपनी मोहब्बत के काबिल नहीं समझती

 Nafrat Shayari in Hindi for Girlfriend

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नफरत तेरी बुलंदियों पे थी फिर भी तुझे चाहा था 

ए सनम तूने ही आवाज ना लगाई हमने तो तुझे हर लम्हे में पुकारा था


ये तेरी हल्की सी नफ़रत और थोड़ा सा इश्क़

यह तो बता ये मज़ा ए इश्क़ है या सजा़ ए इश्क़


देख के हमको वो सर झुकाते हैं 

बुला कर महफ़िल में नजरें चुराते हैं

नफरत हैं तो कह देते हमसे

गैरों से मिलकर क्यों दिल जलाते हैं


एक झूठ मैंने तुमसे कहा मुझे नफरत है तुमसे

एक झूठ तुम भी कह दो तुम्हें मोहब्बत है मुझसे


एक नफरत ही है जिसे दुनिया चंद लम्हों में जान लेती हैं

वरना चाहत का यकीन दिलाने में पूरी जिदंगी बीत जाती है


प्यार में बेवाफाई मिले तो गम न करन

अपनी आँखे किसी के लिए नम न करना

वो चाहे लाख नफरते करें तुमसे 

पर तुम अपना प्यार कभी उसके लिए कम न करना


एक पल तो घायल दिल कहता है की नफरत कर

दूसरे ही पल कमजोर दिल है की प्यार कर


कभी उसने भी हमें चाहत का पैगाम लिखा था

सब कुछ उसने अपना हमारे नाम लिखा था

सुना है आज उनको हमारे जिक्र से भी नफ़रत है

जिसने कभी अपने दिल पर हमारा नाम लिखा था


चाह कर भी मुँह फेर नहीं पा रहे हो

नफरत करते हो या इश्क निभा रहे हो


कोई तो वजह होगी

बेवजह कोई नफरत नहीं करता

हम तो उनके दिल की समझते है

वो हमें समझने की कोशिश नही करता.


मुझे नफ़रत सी हो गयी है अपनी जिन्दगी से

और तू ज्यादा खुश ना हो क्योंकि तू ही मेरी जिन्दगी है


कभी उसने भी हमें चाहत का पैगाम लिखा था 

सब कुछ उसने अपना हमारे नाम लिखा था

सुना है आज उनको हमारे जिक्र से भी नफ़रत है

जिसने कभी अपने दिल पर हमारा नाम लिखा था


गुजरे है इश्क में हम इस मुकाम से

नफरत सी हो गई है मोहब्बत के नाम से

हम वह नहीं जो मोहब्बत में रोकर के जिदंगी गुजार दे

अगर परचाहै भी तेरी नजर आये तो उसे भी ठोकर मार दें.


प्यार, एहसान नफरत दुश्मनी चाहो वो मुझसे करलो

आप की कसम वही दुगुना मिलेगा


पेश आने लगे है नफरत से भर गया 

उनका दिल मोहब्बत से अफ़ज़ल पेशावरी

Nafrat ki Shayari in Hindi

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चला जाऊँगा मैं धुंध के बादल की तरह

देखते रह जाओगे मुझे पागल की तरह

जब करते हो मुझसे इतनी नफरत तो क्यों

सजाते हो आँखो में मुझे काजल की तरह


मेरे पास वक्त नही है नफ़रत करने का उन लोगो से

जो मुझसे नफऱत किया करते है क्योंकि मैं व्यस्त हूँ 

उन लोगो मे जो मुझसे प्यार किया करते है


नफ़रत हो जायेगी तुझे अपने ही किरदार से अगर 

मै तेरे ही अंदाज मे तुझसे बात करुं


किस बात पर खफा हो यह जरूर बता

देना अक्सर दिल में छुपी नाराजगी से

रिश्तों की डोर कमजोर हो जाती है


किसी ने जैसे कसम खाई हो सताने की

हमीं पे खत्म हैं सब गर्दिशें जमाने की

सुकून तो खैर हमें नसीब क्या होगा

कहो अभी भी हिम्मत है ग़म उठाने की


तुम नफरत करो या मोहब्बत

दोनों हमारे हक में बेहतर हैं

नफरत करोगे तो हम तुम्हारे दिमाग में

मोहब्बत करोगे तो दिल में बस जायेंगे


हमसे नफरत तभी करना जब आप हमारे बारे 

मै जानते हो तब नही जब किसी से सुना हो


खुदा सलामत रखना उन्हें जो हमसे नफरत करते हैं 

प्यार न सही नफरत ही सही कुछ तो है जो वो हमसे करते हैं


एक पल तो घायल दिल कहता है की

नफरत कर दूसरे ही पल कमजोर

दिल कहता है की प्यार कर


रूठी जो ज़िंदगी तो मना लेंगे हम

मिले जो ग़म वो सह लेंगे हम,बस आप

रहना हमेशा साथ हमारे,तो निकलते हुए

आंसूओं में भी मुस्कुरा लेंगे हम


कुछ इस अदा से निभाना है किरदार

मेरा मुझको जिन्हें मुहब्बत ना हो

मुझसे वो नफरत भी ना कर सके


दर्द कितना है बता नहीं सकते 

ज़ख़्म कितने हैं दिखा नहीं सकते

आँखों से समझ सको तो समझ लो 

आँसू गिरे हैं कितने गिना नहीं सकते


हमारी दुआ थी कि वो नफरत खत्म

कर दें उनकी दुआ थी की हम ये रिश्ता ही खत्म कर दें.


अजीब सी आदत और गजब की फितरत है 

मेरी मोहब्बत हो कि नफरत हो बहुत शिद्दत से करता हू


एक नफरत ही है जिसे दुनिया चंद लम्हों मैं जान लेती है

वरना चाहत का यकीन दिलाने में तो ज़िन्दगी बीत जाती है


मोहब्बत सच्ची हो तो कभी नफरत नहीं होती हैं

अगर नफरत होती हैं तो मोहब्बत सच्ची नहीं होती हैं


एक झूठ मैंने तुमसे कहा,मुझे नफरत है

तुमसे एक झूठ तुम भी कह दो,तुम्हें मोहब्बत है मुझसे


प्यार करना सिखा है नफरतो की कोई जगह नही 

बस तु ही तु है इस दिल मे दूसरा कोई और नही.


अगर मेरी उल्फतों से तंग आ जाओ तो

बता देना दोस्तों मुझे नफरत तो गवारा है

मगर दिखावे की मुहब्बत नहीं 

Nafrat Bhari Shayari in Hindi

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जिंदगी से नफरत शायरी

अगर इतनी ही नफरत है हमसे तो

दिल से कुछ ऐसी दुआ करो की

आज ही तुम्हारी दुआ भी पूरी हो

जाये और हमारी ज़िन्दगी भी


ये मोहब्बत है या नफरत कोई इतना तो समझाए

कभी मैं दिल से लड़ता हूँ कभी दिल मुझ से लड़ता है


मुस्कुराते पलको पे सनम चले आते हैं

आप क्या जानो कहाँ से हमारे गम आते हैं

आज भी उस मोड़ पर खड़े हैं जहाँ किसी ने

कहा था कि ठहरो हम अभी आते है


कुछ इस अदा से निभाना है किरदार मेरा मुझको जिन्हे 

मुहब्बत ना हो मुझसे वो नफरत भी ना कर सके


मत रख इतनी नफरतें अपने दिल में ए इन्सान

जिस दिल में नफरत होती है उस दिल में रब नहीं बसता


मुझे शिकवा मेरे नफरत करने वालों से नहीं है 

शिकवा तो मुझे मुझसे झूठी मोहब्बत करने वालों से है


दुनिया को नफरत का यकीन नहीं दिलाना

पङता मगर लोग मोहब्बत का सबूत ज़रूर मॉगते हैं


नफरत चांद की सितारों से हो तो वो अपनी चांदनी 

रोशनी कम कर देता है हम चांद तो नहीं 

पर अपनी सांसे हम भी कम कर सकते हैं


बस एक यही बात उसकी मुझे अच्छी लगती है 

उदास कर के भी कहती है तुम नाराज़ तो नहीं हो न


नाराज़गी भी मोहब्बत की बुनियाद होती हे

मुलाक़ात से भी प्यारी किसी की याद होती हे


मुझसे नफरत की अजब राह निकली उसने

हँसता बसता दिल कर दिया खाली उसने

मेरे घर की रिवायत से वोह खूब था वाकिफ

जुदाई माँग ली बन के सवाली उसने


मुझे नफ़रत सी हो गयी है अपनी जिन्दगी से

और तू ज्यादा खुश ना हो क्योंकि तू ही मेरी जिन्दगी है


चला जाऊँगा मैं धुंध के बादल की तरह

देखते रह जाओगे मुझे पागल की तरह

जब करते हो मुझसे इतनी नफरत तो क्यों

सजाते हो आँखो में मुझे काजल की तरह


इतनी नफरत हैं उसे मेरी मोहब्बत से

उसने अपने हाथ जला लिए मेरी तकदीर मिटाने के 


नाराज़ होकर भी नाराज़गी न दिखाना

मेरी ये एक अदा है तुमसे नाराज़ होने की

पर तुम समझते ही नहीं


उसने नफ़रत से जो देखा है तो याद आया

कितने रिश्ते उसकी ख़ातिर यूँ ही तोड़ आया हूँ

कितने धुंधले है ये चेहरे जिन्हे अपनाया है

कितनी उजली थी वो आँखे जिन्हे छोड़ आया हूँ 

तेरी वफा भी हमें जैसे एक ख्वाब लगती है

तेरे इश्क में मिली ये बर्बादी भी हमें लाजवाब लगती है

Nafrat Shayari in Hindi 


मुझसे नफरत करने वाले भी कमाल का हुनर रखते है

मुझे देखना तक नही चाहते लेकिन नजर मुझपर ही रखते है 


देख कर उसको तेरा यूँ पलट जाना नफरत बता 

रही है तूने मोहब्बत गज़ब की की थी 


खुदा सलामत रखना उन्हे जो हमसे

नफरत करते है प्यार न सही नफरत

ही सही कुछ तो है जो वो सिर्फ हमसे करते है 


देख आज मेरा आंसू भी आंखों से बहता जा रहा है 

यह तेरी मोहब्बत की गजल गाए जा रहा है  

Nafrat Attitude Shayari in Hindi

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झूठ से नफरत शायरी

नफ़रत हो जायेगी तुझे अपने ही किरदार से

अगर मै तेरे ही अंदाज मे तुझसे बात करुं


कभी उसने भी हमे चाहत का पैगाम लिखा था

सब कुछ उसने अपना हमारे नाम लिखा था

सुना है आज उनको हमारे जिक्र से भी नफ़रत है

जिसने कभी अपने दिल पर हमारा नाम लिखा था


नफरत के एक मिनट में सालों की मोहब्बत कैसे भूल गए तुम

फरेबी चाहत थी तुम्हे हमसे इसीलिए तुमसे दूर हो गए हम

Nafrat Shayari in Hindi 


नफरत करने वाले भी गज़ब का

प्यार करते है मुझसे जब भी मिलते

है कहते है कि तुझे छोड़ेगे नही


नफरत कर लो पर इतनी गुंजाइश रखना

कल मेरे मरने पर कुछ आंसू निकल सके 


घर में तो खुद को कैद मैंने आज किया है

मैं तब भी तन्हा था जब भरी महफिल में था


कुछ लोग तो मुजसे सिर्फ इसलिए भी नफरत करते है 

क्योकि बहुत सारे लोग मुझसे प्यार करते है 


वो मोहब्बत ही क्या जिसमे प्यार ना हो

वो नफरत ही क्या जिसमे तकरार ना हो 

Nafrat Shayari in Hindi 


वह कमबख्त मेरे प्यार को तो क्या 

मेरी नफरत के भी काबिल नही था 


उसे प्यार का एहसास दिलाने के लिए

मेरा सब कुछ खो गया पर नफरत तो सिर्फ

दिखाई थी न जाने ब्रेकअप कैसे हो गया 


तुम्हे पता था की मुझे तोड़ना इतना आसान नही

इसलिए तुमने प्यार का फ़रेबी खेल खेला मेरे साथ 


इस टूटे दिल मे अब कभी कोई

और नही होगा तुमसे नफ़रत के

बाद अब कोई दिलदार नही होगा

Nafrat Shayari in Hindi 


तेरी मोहब्बत से मुझे नफरत हो गई है

इसलिए शराब मेरी जीने की सहारा बन गई है 


पहली नजर में जिसको हमसे मोहब्बत हो गई

अब यह आलम है हमे उनसे नफरत हो गई 


कुछ इस अदा से निभाना है किरदार मेरा मुझको जिन्हे

मुहब्बत ना हो मुझसे वो नफरत भी ना कर सके 


नफरत करने वालो से भी प्यार करो तो कोई बात बने

अपने जिंदगी को कुछ यूं बनाओ तो कोई बात बने 

Nafrat Shayari in Hindi 


हम तो चाहते हैं लोग हमसे

नफरत करें क्योंकि मोहब्बत

की लोग शिद्दत से नही करते 


यह कैसा धोखा है तुम्हारा

मैं नफरत की आग में जलता हूं

हर रोज तुम्हें याद करता हूं 


कभी उसने भी हमे चाहत का पैगाम लिखा था

सब कुछ उसने अपना हमारे नाम लिखा था

सुना है आज उनको हमारे जिक्र से भी नफ़रत है 

Nafrat Sad Shayari in Hindi

अपनों से नफरत शायरी
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नफरत का वार मुझ पर ज़ोर से मारना क्योकि

नफरत मुझसे टकराकर प्यार मे बदल जाती है 


नफरत है मुझे उन बेवफाओं की महफिल से 

जहां इश्क की बात पर दिलों के कत्ल होते हैं 


जब चाहा उसने अपना बनाया मुझे मन

भरने पर उसने ठुकराया मुझे गुस्सा

आता था सिर्फ उसके झूठे प्यार पर

अब नफरत करना उसने सिखाया मुझे 

Nafrat Shayari in Hindi 


लेकर के मेरा नाम वो मुझे कोसता है

नफरत ही सही पर वो मुझे सोचता तो है 


मिटा देंगे हर नफरत को

इस कदर हर रिश्ता निभाएंगे

अगर खड़ी रहेगी नफरत रास्ते

में तो उसे भी प्यार से मनाएंगे 


नफरतें इश्क़ भी बड़ी की होती है उनसे

उनसे नफरत दिखता है और

दिल ही दिल में प्यार करता है उनसे

Nafrat Shayari in Hindi 


कोई तो वजह होगी बेवजह को नफरत नहीं करता

हम तो उनकी दिल कि समझते हैं

वो हमे समझने की कोशिश नहीं करता


नफरत को मुहब्बत की आँखो में देखा

बेरुखी को उनकी अदाओ में देखा

आँखें नम हुए और मै रो पड़ा

जब अपने को गैरों कि बाहो में देखा


दिल पर ना मेरे यू वार कीजिए

छोड़ो ये नफरत थोड़ा प्यार कीजिए

तड़पते हैं जिस कदर तेरे प्यार में हम

कभी खुद को भी उस कदर बेक़रार कीजिए


बैठ कर सोचते हैं अब कि क्या खोया क्या पाया

उनकी नफरत ने तोड़े बहुत मेरी वफ़ा के घर


नफरत हो दिल में तो मिलने का मजा नहीं आता है

वो आज भी मिलता हैं पर दिल कही और छोड़ आता हैं

Nafrat Shayari in Hindi 


नफरत चांद की सितारों से हो तो वो अपनी चांदनी रोशनी कम कर देता है

हम चांद तो नहीं पर अपनी सांसे हम भी कम कर सकते हैं


यही तो राज़-ए-उल्फ़त है जो हर आंसू का रुख़ मोड़ा

बहुत ख़ुश हैं तेरे बारे में जबसे सोचना छोड़ा


जो लोग नफरत करते हैं वो लोग अच्छे लगते हैं

क्योंकि अगर सब मुहब्बत करेंगे तो कहीं नज़र ना लग जाए मुझे


काश तुम रहते मेरे साथ जब तक हम दोनों की जिंदगी थी

मेरे हालात क्या बदले तुम्हे भी वक़्त ना लगा बदलने में


फूलो के साथ काटें भी मिल जाते हैं

खुशी के साथ गम भी मिल जाते हैं

यह तो मजबूरी हैं हर आशिक़ कि

वरना प्यार में नफरत कोई जान बुझ कर नहीं करता


कभी बैठेंगे फुरसत में खुदा के सामने और पूछेंगे

वो कौन सी मोहब्बत थी

जो हम अपने यार को दे ना सके

Nafrat Shayari in Hindi 


यकीन भी रखा सबर भी किया इंतज़ार के सब हद भी पार किया

नाही तो वक़्त बदला और नहीं खुशियां नसीब हुई


अब हम तो नये नफरत करने वाले तालाश करते हैं

कयोंकि पुराने वाले तो अब हमसे मुहब्बत किया करते हैं


हम वो ना थे जो टाइम पास के लिए तुम्हे याद करते थे

हम तो अपने बीजी टाइम से भी

वक़्त उधार लेकर तुम्हे याद करते थे

Khud se Nafrat Shayari in Hindi

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हक़ देंगे पूरा उसे निभाने का कबूल करते हैं नफरत तेरी

खैरात में जो मिले हमें कबूल तो उसकी मोहब्बत भी नहीं करते हम


ज़िन्दगी से नफरत किसे होती हैं

मरने कि चाहत किसे होती हैं

प्यार भी एक इतेफा़क होता हैं

वरना आँसूओ से मोहब्बत किसे होती हैं


बस तेरे एक जिद ने मुझे क्या से क्या करदिया

दिल की किताब तो बस तेरे लिए थी तूने इसे सरे आम कर दिया


जब हम मुस्कुराते थे तो उदासियाँ भी कहती थी माशा अल्लाह

तेरे प्यार में खुद को इतना बदल दिया अब दुनिया कहती है तोबा अल्लाह


मिलना बिछड़ना सब किस्मत का खेल है

कभी नफरत तो कभी दिलो का मेल है

बिक जाता हैं हर रिश्ता दुनियां में

सिर्फ दोस्ती का यहा नाँट पर सेल हैं

Nafrat Shayari in Hindi 


तेरी नफरत को मैने प्यार समझ कर अपनाया हैं

प्यार से ही नफरत खत्म होता हैं तूने ही तो समझाया हैं


ना मेरा प्यार कम हुआ ना उनकी नफरत

अपना अपना फर्ज था दोनों अदा कर गये


वो इंकार करते हैं इकरार के लिए

नफरत करते हैं तो प्यारा के लिए

उलटी चाल चलते हैं ये इश्क़ वाले

आँखें बंद करते हैं दीदार के लिए


नाही तुम कभी आ सके और

नाही हम कभी जा सके

नाही तुम कभी याद कर सके और

नाही हम तुम्हे कभी भुला सके

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अगर तुम थे सनम बेवफा तो 

आंखे मिलाई ही क्यूं थी

छोड़ के जाना ही था तो 

अपनी आदत लगाई ही क्यूं थी


जिन्दगी भर तुझ से मिलने की दुआ की

सोचा ना था ऐसा भी दिन आएगा

मुझे ऐसा भी दुआ करनी पड़ेगी

अये खुदा उसे दिल से निकाल दे


अगर रूठा रहूँ तो मनाने आ जाना

वो आखिरी वादा निभाने आ जाना

इस जिंदगी में मेरी न हो सकी फिर भी

मेरी मौत पर मय्यत सजाने आ जाना

Nafrat Shayari in Hindi 


दिखावे की मुहब्बत से बेहतर है नफरत ही करो हमसे

हम सच्चे जज्बातो की बड़ी कदर किया करते हैं


अच्छे होते हैं बुरे लोग कम से कम अच्छे 

होने का वे दिखावा तो नहीं करते


एक नफरत ही हैं जिसे दुनिया चंद लम्हों में जान लेती हैं

वरना चाहत का यकीन दिलाने में तो जिन्दगी बीत जाती हैं


खुदा सलामत रखना उन्हे जो हमसे

नफरत करते है प्यार न सही नफरत

ही सही कुछ तो है जो वो सिर्फ हमसे करते है 

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जा तुझे मौका दिया

जी भर के नफरत कर ले

और जब नफरत से जी भर जाए

तो प्यार को मौका देना


जब चाहा उसने अपना बनाया मुझे मन

भरने पर उसने ठुकराया मुझे गुस्सा

आता था सिर्फ उसके झूठे प्यार पर

अब नफरत करना उसने सिखाया मुझे 


हमें भुलाकर सोना तो तेरी आदत ही बन गई है ऐ सनम

किसी दिन हम सो गए तो तुझे नींद से नफ़रत हो जायेगी


कदर करनी है तो जीतेजी करो अरथी उठाते 

वक़्त तो नफरत करने वाले भी रो पड़ते है 

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वो जो हमसे नफरत करते हैं

हम तो आज भी सिर्फ उन पर मरते हैं

नफरत है तो क्या हुआ यारो

कुछ तो है जो वो सिर्फ हमसे करते हैं


कभी उसने भी हमे चाहत का पैगाम लिखा था

सब कुछ उसने अपना हमारे नाम लिखा था

सुना है आज उनको हमारे जिक्र से भी नफ़रत है 

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नफरत तुम बेशक कर लो हमसे

हम तो करते रहेंगे प्यार

तुम्हें युहीं चाहेंगे जब तक है दम 


मुझसे नफरत करनी है तो इरादे मजबूत रखना

जरा से भी चूके तो महोब्बत हो जायेगी


अदावत तो है अपनी नफरतों के रहनुमाओं से

जो दिल में दे जगह उससे भला न क्यूँ सुलह कर लें


उसने नफ़रत से जो देखा है तो याद आया

कितने रिश्ते उसकी ख़ातिर यूँ ही तोड़ आया हूँ

कितने धुंधले हैं ये चेहरे जिन्हें अपनाया है

कितनी उजली थी वो आँखें जिन्हें छोड़ आया हूँ


हाँ मुझे रस्म-ए-मोहब्बत सलीक़ा ही नहीं

जा किसी और का होने की इजाज़त है तुझे

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देख के हमको वो सर झुकाते हैं

बुला कर महफ़िल में नजरें चुराते हैं

नफरत हैं तो कह देते हमसे

गैरों से मिलकर क्यों दिल जलाते हैं


ज़्यादा कुछ नहीं बदला उसके और मेरे बीच में

पहले नफरत नहीं थी और अब प्यार नहीं है


अगर इतनी ही नफरत है हमसे तो

दिल से कुछ ऐसी दुआ करो

की आज ही तुम्हारी दुआ भी पूरी हो जाये

और हमारी ज़िन्दगी भी


नफरतों के जहां में हमको प्यार की बस्तियां बसानी हैं

दूर रहना कोई कमाल नहीं पास आओ तो कोई बात बने

Nafrat Shayari in Hindi 


हंसने के बाद क्यों रुलाती है दुनियां

जाने के बाद क्यों भुला देती है ये दुनियां

जिंदगी में क्या कोई कसर बाकी थी

जो मरने के बाद भी जला देती है ये दुनियां


हमारी दुआ थी कि वो नफरत खत्म करदें

उनकी दुआ थी की हम ये रिश्ता ही खत्म करदें 


न मेरा एक होगा न तेरा लाख होगा

तारिफ तेरी, न मेरा मजाक होगा

गुरुर न कर शाह-ए-शरीर का

मेरा भी खाक होगा तेरा भी खाक होगा

Nafrat Shayari in Hindi 


जो मुझसे नफरत करते हैं शौक से करें

हर शख्स को मैं अपनी मोहब्बत के काबिल नहीं समझती


मैं काबिले नफरत हूँ तो छोड़ दे मुझको

तू मुझसे यूँ दिखावे की मोहब्बत न किया कर


जब नफरत की बात उठेगी तो सबसे पहला नाम हमारा आएगा

क्योंकि नफरत करने में हमने रिकॉर्ड जो बना रखे हैं 


उसने मुझ से नफरत मरते दम तक करने की कसम खा ली है

और मैंने भी उसे प्यार मरते दम तक करने की कसम खा ली है 


कुछ लोग तो मुजसे सिर्फ इसलिए

भी नफरत करते है क्योकि बहुत

सारे लोग मुझसे प्यार करते है 

Nafrat Shayari in Hindi 


होते हैं शायद नफरत में ही पाकींजा रिश्तें

वरना अब तो तन से लिबास 

उतारने को लोग मोहब्बत कहते हैं


प्यार करना सिखा है नफरतो की कोई जगह नही

बस तु ही तु है इस दिल मे दूसरा कोई और नही 

Nafrat Wali Shayari in Hindi

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न मोहब्बत संभाली गई न नफरतें पाली गईं

अफसोस है उस जिंदगी का जो तेरे पीछे खाली गई


कभी उसने भी हमें मोहब्बत का पैगाम लिखा था

सब कुछ उसने अपना हमारे नाम लिखा था

सुना है आज उनको हमारे जिक्र से भी नफ़रत है

जिसने कभी अपने दिल पर हमारा नाम लिखा था

Nafrat Shayari in Hindi 


तुम नफरत करो या मोहब्बत

दोनों हमारे हक में बेहतर हैं

नफरत करोगे तो हम तुम्हारे दिमाग में

मोहब्बत करोगे तो दिल में बस जायेंगे


वो वक़्त गुजर गया जब मुझे तेरी आरज़ू थी

अब तू खुदा भी बन जाए तो मै सज़दा न करूँ!


तुम्हे पता था की मुझे तोड़ना इतना आसान नही

इसलिए तुमने प्यार का फ़रेबी खेल खेला मेरे साथ 


नफरत बदसूरती से नहीं बदसूरत दिल से होती है

क्योंकि धोखा तो खूबसूरत चेहरे ही देते हैं 

Nafrat Shayari in Hindi 


एहसास बदल जाते हैं बस और कुछ नहीं

वरना नफरत और मोहब्बत एक ही दिल में होती है


उसकी बेवफ़ाई देख कर रहते हैं बेचैन

उससे नफरत न कर बैठें इस बात से रहते हैं बेचैन 


नफरत की आग फैलाने में तो चंद पल ही लगते हैं

मगर मोहब्बत का फूल खिलाने के लिए पूरी जिन्दगी बीत जाती है 


एक नफरत ही है जिसे दुनिया चंद लम्हों में जान लेती है वरना

चाहत का यकीन दिलाने में तो ज़िन्दगी बीत जाती है

Nafrat Shayari in Hindi 


जब से पता चला है की नफरत ही हमारी जिन्दगी का अंजाम है 

तब से हम जिन्दगी को हथेली पर लिए घूमते हैं 


गुजरे हैं इश्क़ में हम इस मुकाम से नफरत सी हो गई है 

मोहब्बत के नाम से हम वो नहीं जो मोहब्बत में 

रो कर के जिंदगी को गुजार दे अगर परछाई भी 

तेरी नजर आ जाए तो उसे भी ठोकर मार दें


जब रिश्तों में प्यार कम और नफ़रतें ज्यादा होती हैं

तो उन रिश्तों के ख़तम होने की उम्मीद भी ज्यादा होती हैं 

Nafrat Shayari in Hindi 


नफरत हमने सीखी नही कभी दिल से

हम तो बस मौहब्बत ही रखते है हर किसी से


काश कि दिल पर अपना अख्तियार होता

ना नफरत होती ना प्यार होता


नफरत को हम प्यार देते हैं प्यार पे खुशियां वार देते हैं

बहुत सोच समझ कर हमसे कोई वादा करना ऐ दोस्त

हम पर वादे पर जिंदगी गुजार देते हैं


न मोहब्बत संभाली गई न नफरते पाली गई अफसोस है 

उस जिंदगी का जो तेरे पीछे खाली गई 


कैसे करें नफरत उससे हम  जिससे हमने मरते दम 

तक मोहब्बत करने का वादा किया है


दुनिया को नफरत का यकीन नहीं दिलाना पङता

मगर लोग मोहब्बत का सबूत ज़रूर मॉगते हैं

Nafrat Shayari in Hindi


कदर करनी है तो जीते जी करो

अरथी उठाते वक़्त तो नफरत

करने वाले भी रो पड़ते है 

 Nafrat Shayari in Hindi for Wife

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प्यार करता हूँ इसलिए फ़िक्र करता हूँ जो नफ़रत 

करता तो तेरा जिक्र तक न करता 


नफरत की कड़वाहट जब आपका मन भर जाये

तो चले आना मेरे पास में मोहब्बत की मिठास चखा दूंगा 

Nafrat Shayari in Hindi 


ऐसी मोहब्बत न करना जो सिर्फ दिल्लगी हो 

ऐसी मोहब्बत न करना की बाद में पछतावा हो जाये 

देखना ऐसी मोहब्बत न करना कहीं नफरत न हो जाये


सुनो न.बेहद गुस्सा करते हो आजकल

नफरत करने लगे हो या ईश्क ज्यादा हो गया


छोटी सी इस कहानी को एक और फ़साना मिल गया

उनको हमसे नफ़रत का एक और बहाना मिल गया 


उसको पाने के लिए में बहुत सी हदें पार कर बैठा 

एक रिश्ते को जोड़ने के लिए कईं रिश्तों को दूर कर बैठा

उसकी मोहब्बत पाने के लिए खुद से ही नफरत कर बैठा

Nafrat Shayari in Hindi 


पूरी दुनिया नफरतो की आग मे जल रही है

फिर भी ना जाने क्यो लोगों को ठंड लग रही है 


मुझे ऑनलाइन देखते ही तेरा ऑफलाइन हो 

जाना उफ़ यह तेरी डिजिटल नफरत 


जिस क़दर नफ़रत बढ़ाई उतनी ही क़ुर्बत बढ़ी अब 

जो महफ़िल मे नही है वो तुम्हारे दिल मे है 


वक़्त हर दर्द और हर नफरत को ख़तम कर देता है

मगर कुछ दर्द और नफरत कभी ख़तम नहीं होते हैं 


होते है शायद नफरत मे ही पाकीजा रिश्ते वरना अब तो 

तन से लिबास उतारने को लोग मोहब्बत कहते है 

Nafrat Shayari in Hindi 


कर लूं एक बार तेरा दीदार जी भर के, मेरे दोस्त

मेरी मोहब्बत और तेरी नफरत

के बीच का फासला खत्म हो जाएगा


दुनिया का यही बड़ा दस्तूर है नफरत के लिए हमें सबूत नहीं चाइये होता

मोहब्बत को साबित करने के लिए हमें सबूत चाइये होता


अजीब सी आदत और गजब की

फितरत है मेरी मोहब्बत हो कि

नफरत हो बहुत शिद्दत से करता हू 

Nafrat Shayari in Hindi 


हमसे नफरत तभी करना

जब आप हमारे बारे मै जानते हो

तब नही जब किसी से सुना हो 


नफ़रत करना है तो इस क़दर करना

के हम दुनिया से चले जाए पर

तेरी आँख में आंशु ना आए


मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत

रखना ज़रा से भी चुके तो मोहब्बत हो जाएगी 


हमारी अदा पे तो नफरत करने वाले भी फ़िदा हैं

तो फिर सोच प्यार करने वालो का किया हाल होता होगा

Nafrat Shayari in Hindi 


वो इनकार करते हैं इक़रार के लिए

नफऱत भी करते हैं तो प्यार करने के लिए

उल्टी चाल चलते हैं ये इश्क़ करने वाले

आंखे बंद करते हैं दीदार के लिए


यूँ ही नहीं कोई बेइन्तेहाँ नफरत कर बैठता है

जब किसी को बेवफाई मिले तो बेइन्तेहाँ नफरत कर बैठता है

 Nafrat Shayari in Hindi Girl

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झूठ से नफरत शायरी

हंसने के बाद क्यो रुलाती है दुनिया

जाने के बाद क्यो भुला देती है ये दुनिया

जिंदगी में क्या कोई कसर बाकी थी

जो मरने के बाद भी जला देती है ये दुनिया 

Nafrat Shayari in Hindi 


नफरतो को जलाओ मोहब्बत की रौशनी होगी

वरना इंसान जब भी जले हैं ख़ाक ही हुए है


एक नफरत ही नहीं दुनिया में दर्द का सबब फ़राज़

मोहब्बत भी सकूँ वालों को बड़ी तकलीफ़ देती है


सनम तेरी नफरत में वो दम नहीं जो मेरी चाहत को मिटा दे

ये मोहब्बत है कोई खेल नहीं जो आज हंस के खेला और कल रो कर भुला दे


नफरत है मुझे आज जालिम तेरे उस रुखसार से

जिसे देख कर मैं अक्सर दीवाना हुआ करता था


एक नफरत ही है जिसे दुनिया चंद लम्हों मैं जान लेती है

वरना चाहत का यकीन दिलाने में तो ज़िन्दगी बीत जाती है 


नाराजगी डर नफरत या फिर प्यार कुछ 

तो जरुर है जो तुम मुझसे दूर दूर रहते हो 


कैसे उन्हें भुलाऊँ मोहब्बत जिन्होने की मुझको 

तो वो भी याद है नफ़रत जिन्होने की 

Nafrat Shayari in Hindi 


नफरत है इस रविवार से मुझे ये दिलाती है 

और भी तेरी याद खाली वक्त में


देखना मेरी तुम्हारी नफरतो मे खाख ना हो जाए सबकुछ

हम दोनो को भी आखिर मे रहना तो है इसी बस्ती मे 


नफरत करने की दवा बता दो यारो

वरना मेरी मौत की वजह मेरा प्यार ही होगा


नाराजगी डर नफरत या फिर प्यार

कुछ तो जरुर है जो तुम मुझ से दूर-दूर रहते हो


मेरे पास वक्त नही है नफ़रत करने का उन लोगो से

जो मुझसे नफऱत किया करते है

क्योंकि मैं व्यस्त हूँ उन लोगो मे

जो मुझसे प्यार किया करते है

Nafrat Shayari in Hindi 


अगर हमारी उल्फतों से तंग आ

जाओ तो बता देना हमें नफरत तो

गवारा है मगर दिखावे की मोहब्बत नही 


ये मेरे दिल की जिद है की प्यार करुँ तो सिर्फ तुमसे करूँ

वरना तुम्हारी जो फितरत है वो नफरत के भी काबिल नहीं


में अकेला वारिस हूँ तमाम नफरतों का, ऐ मेरी जान

और तू सारे शहर में प्यार बाटती फिर रही है


हमें भुलाकर सोना तो तेरी आदत ही बन गई है ऐ सनम

किसी दिन हम सो गए तो तुझे नींद से नफ़रत हो जायेगी 


उसकी नफरत का जहर इतना चढ़ गया है 

की अब किसी की भी मोहब्बत का स्वाद नहीं चढ़ता 

Nafrat Shayari in Hindi 


चला जाऊँगा मैं धुंध के बादल की तरह

देखते रह जाओगे मुझे पागल की तरह

जब करते हो मुझसे इतनी नफरत तो क्यों

सजाते हो आँखो में मुझे काजल की तरह


खुदा सलामत रखना उन्हें

जो हमसे नफरत करते हैं

प्यार न सही नफरत ही सही

कुछ तो है जो वो हमसे करते हैं

New Nafrat Shayari in Hindi

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ये मत कहना कि तेरी याद से रिश्ता नहीं रखा

मैं खुद तन्हा रहा पर दिल को तन्हा नहीं रखा

तुम्हारी चाहतों के फूल तो महफूज रखे हैं

तुम्हारी नफरतों की पीड़ को जिंदा नहीं रखा


देख के हमको वो सर झुकाते हैं

बुला कर महफ़िल में नजरें चुराते हैं

नफरत हैं तो कह देते हमसे

गैरों से मिलकर क्यों दिल जलाते हैं

Nafrat Shayari in Hindi 


मेरे नाम से इतनी नफरत करते हैं वो

नफरत के बहाने से ही सही मेरा नाम तो लेते हैं वो 


प्यार एहसान नफरत

दुश्मनी जो चाहो वो मुझसे करलो

आप की कसम वही दुगुना मिलेगा


मत रख इतनी नफ़रतें अपने दिल में ए इंसान

जिस दिल में नफरत होती है उस दिल में रब नहीं बसता


मोहब्बत भी जबर्दस्त थी और नफरत भी जबर्दस्त है 

जो भी किया जबर्दस्त ही किया है 

Nafrat Shayari in Hindi 


कुछ लोग तो मुझसे सिर्फ इसलिए भी नफरत करते हैं

क्योंकि बहुत सारे लोग मुझसे प्यार करते हैं


तूने ज़िन्दगी को मेरी इस क़दर कुछ यूँ मोड़ा हैं

कि अब मोहब्बत भी नफरत भी दोनों थोड़ा थोड़ा हैं


मोहब्बत के बदले नफरत मिले तो कोई गम नहीं

क्योंकि मोहब्बत को पाने के लिए यहाँ लोग भी कम नहीं 

Nafrat Shayari in Hindi 


किसी ने मुझसे पूछा तुम्हारा शौक क्या है मैने हंस

कर कहा नफरत करने वालो से मोहब्बत करना 


मुझे शिकवा मेरे नफरत करने वालों से नहीं है

शिकवा तो मुझे मुझसे झूठी मोहब्बत करने वालों से है 


उनकी इतनी नफरत ने ही हमें उनका दीवाना बना रखा है 

अगर उन्होंने मोहब्बत हमसे कर ली तो हमारा क्या हाल होगा 

Nafrat Shayari in Hindi 


नफरत तेरी बुलंदियों पे थी फिर भी तुझे चाहा था

ए सनम तूने ही आवाज ना लगाई

हमने तो तुझे हर लम्हे में पुकारा था 

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आज का यह पोस्ट Nafrat Shayari in Hindi पढ़ने के लिए सभी लोगों का धन्यवाद। मुझे उम्मीद है कि आपको यह Nafrat Shayari in Hindi पोस्ट पसंद आया होगा. तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ WhatsApp, Facebook और Instagram पर जरूर  शेयर कर सकते हैं धन्यवाद | 

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