Thursday, May 16, 2024

110+ Best Khamoshi Shayari in Hindi | ख़ामोशी शायरी हिंदी में

Best Khamoshi Shayari in Hindi: दोस्तों आज हमने ख़ामोशी शायरी लिखी है। अगर आप खामोशी शायरी ढूंढ रहे हैं तो आप वेबसाइट पर आ गए हैं, यहां हमने कई तरह की खामोशी शायरी लिखी हैं जो आपको पसंद आएंगी। खामोशी कई तरह की होती है जैसे किसी को किसी चीज से धक्का लग जाता है जिसे वह सहन नहीं कर पाता और वह हमेशा के लिए खामोश हो जाता है इसी प्रकार एक प्रेमी अपनी प्रेमिका से प्रेम करता है और यदि उसे धोखा मिलता है तो वह भी चुप हो जाता है और अपने में ही खोया रहता है, इसे ही मौन कहा जाता है।

आजकल जब किसी का दिल टूट जाता है तो वह अपने स्टेटस पर Khamoshi Love Shayari in Hindi, Khamoshi Shayari Status in Hindi, Shayari on khamoshi in Hindi, खामोशी शायरी इन हिंदी, दर्दे जिंदगी खामोशी शायरी, दिल की ख़ामोशी शायरी हिंदी में, sher on khamoshi, khamoshi shayari, sad emotional shayari in hindi on khamoshi डालता है, जिससे वह अपने जज्बात जाहिर करता है। 


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औकात नहीं थी ज़माने की जो मेरी कीमत लगा सके
कमबख्त इश्क में क्या गिरे मुफ्त में नीलाम हो गए

माफी सिर्फ वही दे सकता है जो अंदर से मजबूत इंसान हो
खोखले इन्सान सिर्फ बदले की आग में जलते है

इश्क करने वालों को फुर्सत कहां जो गम लिखेंगे,कलम
इधर लाओ दोस्तों इन बेवफाओं के बारे में हम लिखेंगे

अल्फाज को रखा है हमने इश्क के हिफाजत मैं
खामोशी लापरवाह है अक्सर रिश्ते खो देती हैं

आप ने तस्वीर भेजी मैं ने देखी ग़ौर से 
हर अदा अच्छी ख़मोशी की अदा अच्छी नहीं 

हमारी मोहब्बत जरूर अधूरी  रह गयी होगी पिछले जन्म मे
वरना इस जन्म की तेरी ख़ामोशी मुझे इतना बेचैन न करती

कुछ कहने का वक़्त नहीं ये कुछ न कहो ख़ामोश रहो 
ऐ लोगो ख़ामोश रहो हाँ ऐ लोगो ख़ामोश रहो 

मेरी इस खामोशी कोमेरी कमजोरी समझने वालो
बस हमने शौक नही पाना घाव के निशान देने वालो

कुछ तो है हमारे बीच मे वरना तू खामोश ना होता 
और मैं तेरी खामोशी पढ़ नहीं रही होती

हम ने अव्वल तो कभी उस को पुकारा ही नहीं 
और पुकारा तो पुकारा भी सदाओं के बग़ैर

वहशत' उस बुत ने तग़ाफ़ुल जब किया अपना शिआर 
काम ख़ामोशी से मैं ने भी लिया फ़रियाद का 

 ख़ामोशी शायरी हिंदी में

ख़ामोशी शायरी हिंदी में
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वो अब हर एक बात का मतलब पूछता है मुझसे फ़राज़
कभी जो मेरी ख़ामोशी की तफ्सील लिखा करता था

हर तरफ़ थी ख़ामोशी और ऐसी ख़ामोशी 
रात अपने साए से हम भी डर के रोए थे 

वो मुकम्मल था मेरी चाहत ने कही 
मैं अधूरी थी उसकी ख़ामोशी में कही

चलो अब जाने भी दो क्या करोगे दास्तां सुनकर
ख़ामोशी तुम समझोगे नही और बयां हमसे होगा नही 

उसने आँसू बहा के अपने सारे दर्द बयां कर दिए
हमने खामोश रहकर सारे दर्द छुपा लिए

चुभता तो बहुत कुछ हैं मुझे भी तीर की तरह
लेकिन खामोश रहता हूँ तेरी तस्वीर की तरह

कभी ख़ामोश बैठोगे कभी कुछ गुनगुनाओगे
हम उतना याद आयेंगे जितना तुम मुझे भुलाओगे

खामोशियाँ वही रही ता-उम्र दरमियाँ
बस वक़्त के सितम और हसीन होते गए

हमारी ख़ामोशी ही हमारी कमजोरी बन गयी उन्हें कह न पाए
दिल के जज़्बात और इस तरह से उनसे इक दूरी बन गयी

दिल की धड़कने हमेशा कुछ-न-कुछ कहती हैं
कोई सुने या न सुने ये ख़ामोश नहीं रहती हैं

Khamoshi Sad Shayari in Hindi

Khamoshi Sad Shayari in Hindi
Khamoshi Sad Shayari in Hindi
दर्द हद से ज्यादा हो तो आवाज छीन लेती है
ऐ दोस्त, कोई खामोशी बेवजह नहीं होती है

ख़ामोश शहर की चीखती रातें
सब चुप हैं पर, कहने को है हजार बातें

झुठे हैं वो जो कहते हैं कि हम सब मिट्टी से बने हैं
मैं कई अपनों से वाकिफ हूं जो पत्थर के बने हैं

दोस्त की ख़ामोशी को मैं समझ नहीं पाया
चेहरे पर मुस्कान रखी और अकेले में आंसू बहाया

मुझे अपने इश्क़ की वफ़ा पर बड़ा नाज था
जब वो बेवफा निकला, मैं भी खामोश हो गया

जज्बात कहते हैं, खामोशी से बसर हो जाएँ
दर्द की ज़िद हैं कि दुनिया को खबर हो जाएँ

मेरी खामोशियों पर भी उठ रहे थेसौ सवाल 
दो लफ्ज़ क्या बोले मुझे बेगैरत बना दिया

मेरी जिंदगी में मेरे दोस्तों ने मुझको खूब हँसाया
घर की जरूरतों ने मेरे चेहरे पर सिर्फ खामोशी ही लाया

तेरी खामोशी अगर तेरी मजबूरी है
तो रहने दे इश्क कौन सा जरूरी है

राज खोल देते हैं नाजुक से इशारे अक्सर
कितनी ख़ामोश मोहब्बत की जुबान होती हैं

 Khamoshi Emotional Shayari in Hindi

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खामोशियाँ अक्सर कलम से बयां नहीं होती, अंधेरा दिल में हो तो

रौशनी से आशना नहीं होती,लाख जिरह कर लो अल्फाजों में खुद

को ढूंढने की, जले हुए रिश्तों से मगर रौशन शमा नहीं होती


ख़ामोशी का हासिल भी इक लम्बी सी

ख़ामोशी थी उन की बात सुनी भी हम

ने अपनी बात सुनाई भी


जब खामोश आँखो से बात होती है, 

ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है

तुम्हारे ही ख़यालो में खोए रहते हैं

पता नही कब दिन और कब रात होती है 

 

मोहब्बत नहीं थी तो एक बार समझाया तो होता 

नादान दिल तेरी खामोशी को इश्क समझ बैठा


जिंदगी में कोई प्यार से प्यारा नही मिलता

जिंदगी में कोई प्यार से प्यारा नही मिलता

जो है पास आपके उसको सम्भाल कर रखना

क्योंकि एक बार खोकर प्यार दोबारा नही मिलता


वादियों से सूरज निकल आया है फिजाओं में नया रंग छाया है खामोश

क्यों हो अब तो मुस्कुराओ आपकी मुस्कान देखने नया सवेरा आया है


इश्क की राहें होती नहीं आसानचलते रहीए जनाब 

मिल ही जाएगा मुकाम,बस इत्मीनान रखना अपने

प्यार पर और चेहरे पर बनाए रखना मुस्कान


दिल का दर्द दिल तोड़ने वाला क्या जाने

प्यार के रिवाजों को ये ज़माना क्या जाने

होती है इतनी तकलीफ लड़की पटाने में

ये घर बैठा उसका बाप क्या जाने

 

आपकी पसंद हमारी चाहत बन जाये

आपकी मुस्कान दिल की राहत बन जाये

खुदा खुशियों से इतना खुश कर दे आपको

कि आपको खुश देखना हमारी आदत बन जाये


जब वो खामोश होती है तब मुझे दूनिया की 

सबसे महँगी चीज उनकी आवाज़ लगती है.

Khamoshi Love Shayari in Hindi

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किताबों से ये हुनर सिखा है हमने सब कुछ 

छिपाए रखो खुद में मगर ख़ामोशी से


खामोशी की भी अपनी एक अलग ही अहमियत होती है 

तितलियाँ अपनी खूबसूरती का बखान नहीं किया करतीं


जब कोई ख्याल दिल से टकराता है

दिल न चाह कर भी खामोश रह जाता है

कोई सब कुछ कह कर प्यार जताता है

कोई कुछ न कहकर भी सब बोल जाता है


कुछ तो बात होगी उस पगली में जो मेरा दिल उसपे आ गया था

वरना में तो इतना सेल्फिश हू अपने जीने की भी दुआ नही करता


औरत को भी छूने के तरीके होते हैं 

अब ये तुम्हारी नीयत पर निर्भर है 

कि तुम उसका जिस्म छुते हो या रूह


ख़ामोश फ़िजा थी कोई साया न था

इस शहर में मुझसा कोई आया न था

किसी जुल्म ने छीन ली हमसे

हमारी मोहब्बत हमने तो किसी का दिल दुखाया न था


सुना है वो जाते हुए कह गये के अब तो हम सिर्फ़ तुम्हारे ख्वाबो

मे आएँगे,कोई कह दे उनसे के वो वादा कर ले 

हम जिंदगी भर के लिए सो जाएँगे

 

नहीं चाहिए क़िस्मत का सहारा हमको राह में पत्थर है 

तो हमको ठोकर लगे कोई भ्रम में जी रहा है 

किसी को भ्रम है कि वो जी रहा है


अंधेरे में भी सितारे उग आते रात चाँदनी रहती है 

कहीं जलन है दिल में मेरे ये खामोशी कुछ तो कहती है


हर पल हर लम्हा हम होते बेक़रार है

तुझसे दूर होते है तो लगता है लाचार है

बस एक बार देखो आँखों में मेरी,मेरे

इस दिल में तेरे लिए कितना प्यार है

Khamoshi Shayari Status in Hindi

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ख़ामोशी को इख़्तियार कर लेना अपने दिल को थोड़ा बेकरार कर लेना

जिन्दगी का असली दर्द लेना हो तो बस किसी से बेपनाह प्यार कर लेना


भूल कर भी हमें भूल ना जाना. जिंदगी की राह में कभी छोड़

ना जाना. जिंदगी भर साथ चलने का वादा रखना. कुछ भी हो जाये

I LOVE U एक बार बोल कर ही जाना.


मोहब्बत इबादत बन जाती है 

मुद्दत के बाद पर शर्त ये है 

के दिल बार बार ही नाम पुकारे.


दिल का हाल बताना नहीं आता

किसी को ऐसे तड़पना नहीं आता

सुनना चाहते है आपके आवाज़

मगर बात करने का बहाना नहीं आता


लोग  इंतज़ार करते  रहे कि हमें टूटा हुया देखे

और हम थे की सहते सहते पत्थर  हो  गए 


रात गम सुम है मगर खामोश नहीं

कैसे कह दूँ आज फिर होश नहीं

ऐसे डूबा हूँ तेरी आँखों की गहराई में

हाथ में जाम है मगर पीने का होश नहीं


मेरी ख़ामोशी में सन्नाटा भी हैं और शोर भी हैं

तूने गौर से नहीं देखा इन आखों में कुछ और भी हैं

 

तुम्हारी याद दिल से जाने नहीं देंगे

तुम्हारे जैसा दोस्त खोने भी नहीं देंगे

रोज़ शराफ़त से SMS किया करो वरना

एक कान क नीचे देंगे ओर रोने भी नहीं देंगे


हर ख़ामोशी का मतलब इन्कार नही होता

हर नाकामी का मतलब हार नही होता

तो क्या हुआ अगर हम तुम्हें पा न सके

सिर्फ पाने का मतलब प्यार नहीं होता

 

मेरी जिंदगी में मेरे दोस्तों ने मुझको

खूब हँसाया घर की जरूरतों ने मेरे

चेहरे पर सिर्फ खामोशी ही लाया

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उसने कुछ कहा भी नहीं और मेरी बात हो गई

बड़ी अच्छी तरह से उसकी खामोशी से मुलाक़ात हो गई


चलो अब जाने भी दो क्या करोगे दास्ताँ सुनकर

ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं और बयाँ हम से होगा नहीं


बहुत मजबूर हो जाता है इंसान जब वो किसी का हो 

भी नहीं सकता और उसे खो भी नहीं सकता


तुम्हारे इश्क़ के रंग ओढ़कर ही मैं ख़ुशनुमा हूँ 

तुम ही तो हो मुझमे मैं  खुद में कहाँ हूँ


पलकों को झुका कर सलाम करते है

दिल की हर दुआ आपके नाम करते है

कबूल हो तो बस मुस्कुरा देना, आपक

मुस्कराहट पर तो पूरी ज़िन्दगी कुर्बान करते है

 

लोग कहते है कि वो बड़ा सयाना है

उन्हें क्या पता खामोशी से उसका रिश्ता पुराना है


जब कोई ख्याल दिल से टकराता हैं

दिल ना चाह कर भी, ख़ामोश रह जाता हैं

कोई सब कुछ कहकर प्यार जताता हैं

कोई कुछ ना कहकर भी, सब बोल जाता हैं


बदलना नहीं आता हमें मौसम की तरह

हर एक रूप मैं तेरा इंतज़ार करता हूँ 

ना तुम समझ सको कयामत तक

कसम तुम्हारी तुम्हे इतना प्यार करते है


रात गम सुम है मगर खामोश नहीं

कैसे कह दूँ आज फिर होश नहीं

ऐसे डूबा हूँ तेरी आँखों की गहराई में


हम लबों से कह न पाए उन से हाल ए दिल कभी 

और वो समझे नहीं ये ख़ामुशी क्या चीज़ है 

 दर्दे जिंदगी खामोशी शायरी

दर्दे जिंदगी खामोशी शायरी
दर्दे जिंदगी खामोशी शायरी

चाहतों ने किया मुझ पर ऐसा असर

जहाँ देखू में देखु तुझे हमसफ़र

मेरी खामोशियां मेरी ज़ुबान बन गयी

मेरी वैचानिया मेरी दास्तान बन गयी 

 

खामोश होंठ अक्सर कुछ बयान करते है

आंखों से आंसू गुमनाम बह जाते है

लव चाहते है कुछ बोलना पर

उन्हे देखकर खामोश हो जाते है 


ख़ामोशी में चाहे जितना बेगाना पन हो 

लेकिन इक आहट जानी-पहचानी होती है 


हना चाहते थे साथ उनके पर इस ज़माने ने रहने ना दिया

कभी वक़्त की खामोशी मे ख़ामोश रहे तो

कभी उनकी खामोशी ने कुछ कहने ना दिया


जब खामोश आँखो से बात होती है

ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है

तुम्हारे ही ख़यालो में खोए रहते हैं

पता नही कब दिन और कब रात होती है


तमाम शिकायते इस दिल की भी है

तुझसे पर किस हक से नाराजगी जताऊं

बस यही सोचकर हर बार खामोश रह जाता हूं

 

किसी की खामोशी को उसकी

कमजोरी मत समझ लेना

क्योंकि एक चिंगारी ही काफी होती है

सारे शहर को आग लगाने को


मुझे खामोश राहों में रा साथ चाहिए

तन्हा है मेरा हाथ तेरा हाथ चाहिए

जूनून ए इश्क को तेरी ही सौगात चाहिए

मुझे जीने के लिए तेरा ही प्यार चाहिएते

 

खामोशियां तेरी मुझसे बातें करती है

मेरा हर दर्द और हर आह समाजति है

पता है मजबूर है तू और में भी

फ़िर भी आंखें तेरे दीदार को तरस्ती है


सूरज घाटियों से बाहर आ गया है

फूलों में एक नए रंग की छटा है

तुम चुप क्यों हो अब मुस्कुराओ

तेरी मुस्कान देखने के लिए एक नया सवेरा आया है

दिल की ख़ामोशी शायरी हिंदी में

दिल की ख़ामोशी शायरी हिंदी में
दिल की ख़ामोशी शायरी हिंदी में

ये तुफान यूँ ही नहीं आया है

इससे पहले इसकी दस्तक भी आई थी

ये मंजर जो दिख रहा है तेज आंधियों का

इससे पहले यहाँ एक ख़ामोशी भी छाई थी

 

खामोसियाँ तेरी मुझसे बाते करती है 

मेरी हर आह हर दर्द समझती है

पता है मजबूर है तू भी और मै भी 

फिर भी आँखे तेरे दीदार को तरसती है


जमाना पूछता है इतनी खामोश क्यों हो

मैं कहता हूं खामोशी के बहाने ही

उसकी पुरानी यादों से मिल लेता हूं


मेरी खामोशी के पीछे की वजह में खुद हूं

में अपनापन देता रहा सबको और लोग

अपनी चाल चलने में लगे थे मेरी ख़ामोशी के लिए


ख़ामोश फ़िजा थी कोई साया न था

इस शहर में मुझसा कोई आया न था

किसी जुल्म ने छीन ली हमसे हमारी मोहब्बत

हमने तो किसी का दिल दुखाया न था


उसकी यादों को किसी कोने में छुपा नहीं सकता

उसके चेहरे की मुस्कान कभी भुला नहीं सकता

मेरा बस चलता तो उसकी हर याद को भूल जाता

लेकिन इस टूटे दिल को मैं समझा नहीं सकता


जरूरत रही होगी उसे भी तभी तो आया होगा

वरना इस दुनिया में कौन

किसी को बेवजह इतना खास बनाता है


खामोशियाँ अक्सर कलम से बयां नहीं होती

अंधेरा दिल में हो तो रौशनी से आशना नहीं होती

लाख जिरह कर लो अल्फाजों में खुद को ढूंढने की

जले हुए रिश्तों से मगर रौशन शमा नहीं होती


जब कोई ख्याल दिल से टकराता है

दिल न चाह कर भी खामोश रह जाता है

कोई सब कुछ कह कर प्यार जताता है

कोई कुछ न कहकर भी सब बोल जाता है

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तलाश मेरी थी और भटक रहा था वो दिल मेरा था और धड़क रहा था वो

प्यार का तालुक भी अजीब होता है आंसू मेरे थे सिसक रहा था वो


ना जाने कब तक ये आँखें उसका इंतज़ार करेंगी

उसकी याद में कब तक खुद को बेक़रार करेंगी

उसे तो एहसास तक नहीं इस मोहब्बत का यारो

ना जाने कब तक ये धड़कन उसका ऐतबार करेगी

 

मेरी खामोशियों में भी फसाना ढूंढ लेती है

बड़ी शातिर है ये दुनिया बहाना ढूंढ लेती है

हकीकत जिद किये बैठी है चकनाचूर करने को

मगर हर आंख फिर सपना सुहाना ढूंढ लेती है


मत रख हमसे वफा की उम्मीद हमने हर दम बेवफाई पायी है

मत ढूंढ हमारे जिस्म पे जख्म के निशान हमने हर चोट दिल पे खायी है

 

हर ख़ामोशी का मतलब इन्कार नही होता

हर नाकामी का मतलब हार नही होता

तो क्या हुआ अगर हम तुम्हें पा न सके

सिर्फ पाने का मतलब प्यार नहीं होता

 

जब कोई ख्याल दिल से टकराता हैं

दिल ना चाह कर भी, ख़ामोश रह जाता हैं

कोई सब कुछ कहकर प्यार जताता हैं

कोई कुछ ना कहकर भी, सब बोल जाता हैं


रिश्तों में प्यार मजबूत होना चाइये 

की ख़ामोशी के आने की कोई 

जगह ही नहीं बचनी चाइये


प्यार मोहब्बत नहीं तो कुछ शिकवा शिकायत ही कर लो

मीठी बातें नहीं तो कड़वी बात ही करलो

पर अपने होठों से ख़ामोशी तो दूर कर लो

Sher on Khamoshi

ख़ामोशी को इख़्तियार कर लेना

अपने दिल को थोड़ा बेकरार कर लेना

जिन्दगी का असली दर्द लेना हो तो

बस किसी से बेपनाह प्यार कर लेना

 

ख़ामोश फ़िजा थी कोई साया न था

इस शहर में मुझसा कोई आया न था

किसी जुल्म ने छीन ली हमसे हमारी 

मोहब्बत हमने तो किसी का दिल दुखाया न था


कौन कहता है की ख़ामोशी कुछ बयान नहीं करती

ख़ामोशी बहुत कुछ बयान करती है मगर उसे पढ़ने वाला होना चाहिए


मुझे अपने इश्क़ की वफ़ा पर बड़ा नाज था

जब वो बेवफा निकला, मैं भी खामोश हो गया


मोहब्बत की गलियों में जहाँ  ख़ुशी और चहचहाट का डेरा था

उन्ही मोहब्बत की गलियों में आज  दुःख और ख़ामोशी का डेरा है


मेरी सारी ख्वाइशें ख़तम हो जाती हैं  तेरे ख़ामोशी से भरे चेहरे को देख कर

बस फिर एक खवाइश रह जाती है, कैसे तेरी ख़ामोशी को दूर किया जाए 


खामोश बैठे हैं तो लोग कहते हैं  उदासी अच्छी नहीं

और ज़रा सा हंस लें तो लोग मुस्कुराने की वजह पूछ लेते हैं 


उसने होठों से छू कर दरिया का पानी गुलाबी कर दिया
हमारी तो बात और थी उसने मछलियों को भी शराबी कर दिया

हाथ में जाम है मगर पीने का होश नहीं 
रह लेती थी खामोश अक्सर क्योकि
मुझे अपने गमो की नुमाइश ना मंजूर थी

Khamoshi Shayari

अपने इस दिल में तेरा ताज बनाया है
मोहब्बत के मेरे महल में तेरी तस्वीर
लगाया है आजमा के देख लेना एक बार 
इश्क़ में मरने का कफ़न बहुत पहले सिलवाया है

ख़ामोश फ़िजा थी कोई साया न था 
इस शहर में मुझसा कोई आया न था
किसी जुल्म ने छीन ली हमसे हमारी मोहब्बत 
हमने तो किसी का दिल दुखाया न था

मेरी खामोशियों में भी फसाना ढूंढ लेती है 
बड़ी शातिर है ये दुनिया बहाना ढूंढ लेती है
हकीकत जिद किये बैठी है चकनाचूर करने को 
मगर हर आंख फिर सपना सुहाना ढूंढ लेती है
 

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